देव भूमि नाम से संस्था चलाने वाले उत्तराखंडी रोशन रतूड़ी ने मानवता के नाम पर ऐसा ही कुछ कर दिखाया है।

  • अगर वाकई में कुछ करने की इच्छाशक्ति हो तो इस सृष्टि में नामुमकिन कुछ भी नहीं है बशर्ते ईरादे नेक हों और कुछ करने का जज्बा अगर मन में हो विषम से विषम परिस्थितियों को भी बस में किया जा सकता है। उसी इंसानियत का परिचय देते हुए विदेश की धरती में आर आर ह्यूमनिटी 1st देव भूमि नाम से संस्था चलाने वाले उत्तराखंडी रोशन रतूड़ी ने मानवता के नाम पर ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। वे विदेश में रहकर अपने वतन के होटलियर भाईयों बुरे वक्त में मददगार बन खड़े होते हैं जिसका आज ये जीता जागता प्रमाण है। वे कैसे निसंकोच होकर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उत्तरकाशी जनपद के ग्राम डांग के मूल निवासी देवचंद रमोला जिनकी 6 नवम्बर 2019 को महाराष्ट्र के अहमद नगर के जय राज होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। उनकी हत्या किन कारणों से हुई उसका आज तक पता नहीं चल पाया। ऐसी संदेहास्पद परिस्थितियां पीड़ित परिजनों की अंतर्मन को कचोड़ने का कार्य कर रहीं है इन सब परिस्थितियों के मद्देनजर मृतक के परिजन बार-बार इंसाफ की गुहार लगातेे हैैं। महाराष्ट्र सरकार से पीड़ित परिवार को आज तक इंसाफ नहीं मिल पाया हैै। विपत्ति के समय पीड़ित परिवार के साथ सिर्फ और सिर्फ रोशन रतूड़ी ही कंधेे से कंधा मिलाकर सांत्वना देतेे हुए खड़े नजर आ रहें हैं। उनकी इस दरियादिली को ही मानवता कहते हैैं। मृृतक देवचंद रमोला के परिजनों को इंसाफ दिलाने के सिलसिले में वे विदेश में अपने सारे काम काज छोड़ महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनके कार्यालय (आवास) मिले और होटलियर देवचंद की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई मौत की गहनता से जाँच पड़ताल की बात सारे दस्तावेजों के साथ राज्यपाल के समक्ष रखी और महामहिम राज्यपाल ने रोशन रतूड़ी की बातोंं को ध्यान सेे सुना और आश्वस्त किया कि वे उपरोक्त घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए अपने स्तर से कार्रवाई करवाना सुनिश्चित करवाएंगे। अब मृतक देवचंंद रमोला को कब तक इंसाफ मिलता है इस पर कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी मगर रोशन रतूड़ी के प्रयासों की सराहना तो करनी ही पड़ेेगी। क्योंकि वे जिस काम को भी करते हैं निस्ववार्थ भाव से करते हैं और एक मृतक जिससे उनका दूर दूर तक कोई लेना-देना भी न हो पर मन का भाव साफ हो तो सारे कार्यों की ताकत खुद ब खुद ईश्वर दे देते हैं बशर्ते नीयत साफ हो।
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