उत्तराखंड,सीमा के जवानों की कलाईयों में सजी उत्तराखंड की बनाई हुवी राखियां।

पाक सीमा से लौटे सेना के जवानों को उत्तराखंड की बहनों ने अपने हाथ से बनाई राखी को पहनाकर मनाया रक्षा बंधन।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की स्कूली छात्राओं व महिलाओं द्वारा पाक सीमा से योगा अभ्यास करने के लिए देहरादून स्तिथ सीमा सुरक्षा बल के ट्रेनिग कैम्प में आये सैनिकों को राखी बाँधकर रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार मनाया।
यू तो रक्षा बंधन पूरे देश मे मनाया जाता है पर सेना के कम ही जवान शायद इस त्यौहार को मना पाते होंगे,सेना के इस दर्द को उत्तराखंड के संस्कार परिवार से जुड़े कुछ छात्राओं और महिलाओं ने समझा और इसके लिए उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों को राखी भेजने का फैसला किया।
ये राखियाँ कोई आम राखियाँ नही है बल्कि ये उन छात्राओं ने बड़ी मेहनत से खुद तैयार किया है इनको बनाने में उन्होंने पूरे एक सप्ताह का समय दिया इस कार्य मे कुछ महिलाओं ने भी उनका साथ दिया।तैयार की गई राखियों में अनेक राखियाँ सीमा पर तैनात सेनिको को भेजी गई।
जब इन छात्राओं को पता चला कि कुछ सैनिक पाक सीमा से योगा अभ्यास के लिए देहरादून के कैम्प में आ रहे हैं तो इन्होंने स्वयं अपने हाथ से इनको राखी बांधने का फैसला किया।इस तरह रक्षा बंधन का त्योहार मनाकर सैनिकों की खुशी का ठिकाना नही रहा,वहीँ छात्राओं ने कहा कि आज उनकी खुशी का कोई ठिकाना नही है और वो इसके जरिये सेना को ये संदेश देना चाहती है कि जब वो सीमा पर उनकी सुरक्षा के लिए लड़ते हैं तो वो उनके लिए भगवान से प्राथना करते रहते हैं और वो अकेले नही है पूरा देश उनके साथ है।सेना ने भी उनका दिल से धन्यवाद देते हुए उनको रक्षा बंधन की सुभकामनाये दी और उनकी सुरक्षा का भरोसा दिया।
छात्राओं द्वारा उठाया यह कदम निश्चित रूप से सेना का मनोबल बढ़ाएगा और उनको ये अहसास भी कराएगा की जब देश अपने त्यौहारों को बड़ी खुशी से मनाता रहता है तो उस भी देश का हर इंसान उनको याद करता है और उनकी सलामती की दुवा करता है जिनकी वजह से वो अपने घरों में अपने परिवारों के साथ खुशी से रह रहे हैं साथ ही देश के अन्य लोगो मे देश प्रेम की भावना को बढ़ायेगा।

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