उत्तराखंड,टिहरी गढ़वाल सूचना तंत्र पार्ट,1

श्रीनगर जल विधुत परियोजना का निर्माण करने वाली कम्पनी से प्रभावितों के हक हकूकों को के लिये किये जा रहे धरने प्रदर्शन अब राजनैतिक रंग लाने लगे हैं। एक तरफ हिमालय बचाओं आन्दोलन के प्रमुख समीर रतूड़ी पिछले कई सालों से आन्दोलनरत हैं, वंही उत्तराखण्ड संवेधानिक संरक्षण मंच के प्रमुख दौलत कुंवर का आन्दोलन 32 वें दिन अब भी जारी है। आज जब देवप्रयाग के विधायक, निर्माण करने वाली कम्पनी प्रवन्धन और डीएम सोनिका के बीच प्रभावितों की मांगों को लेकर बातचीत थी, इसी बीच कम्पनी प्रबन्धन द्वारा कुछ मांगों को लेकर आनाकानी की जाने लगी तो विधायक विनोद कण्डारी भड़क गये और डीएम कार्यालय पर ही धरने पर बैठ गये। विधायक का कहना था कि बार बार कम्पनी द्वारा गुमराह किया जाना उचित नही है। जिला प्रशासन की काफी मसक्त के बाद वार्ता फिर शुरू हुई और काफी देर तक चली वार्ता के बाद विधायक ने कहा कि मांगों को पूरी करने को लेकर सहमति बन गई है। इस पर सूचना विभाग ने प्रेस नोट जारी करते हुये लिखा कि श्रीनगर जल विधुत परियोना को लेकर चल रहा आन्दोलन समाप्त हो गया है। बाद में फिर प्रेस नोट जारी किया गया है कि गलती से प्रेस नोट में लिखा गया था कि श्रीनगर जल विधुत परियोजना को लेकर चल रहा ग्रामीणों का धरना समाप्त नही हुआ  है, जबकि धरना विधायक कण्डारी का समाप्त हुआ है। सूचना विभाग की इस गलती पर श्रीनगर चैरास में आन्दोलन कर रहे आन्दोलनकारियों ने कहा कि विधायक के बहाने धरना प्रदर्शन समाप्त होने की खवर एक साजिश है।

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