प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले दूसरे प्रदेशों से ट्रेन, हवाई जहाज और बसों से आ रहे प्रवासियों के लिए मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी की थी।

प्रदेश में ट्रेन, बस व हवाई जहाज से आ रहे लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था में बदलाव करते हुए गर्भवती, गंभीर बीमार व बजुर्गो को राहत दी गई है। अब लक्षण न मिलने पर इन्हें होम क्वारंटाइन की सुविधा दी गई है। वहीं, सेना, नौसेना, वायु सेना व अ‌र्द्ध सैनिक बलों के कार्मिकों  व परिवारों के होम क्वारंटाइन की व्यवस्था संबंधित यूनिटों को ही करनी होगी।

प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले दूसरे प्रदेशों से ट्रेन, हवाई जहाज और बसों से आ रहे प्रवासियों के लिए मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी की थी। इसमें बाहर से आने वालों को संस्थागत क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की गई थी। हवाई जहाज में आने वालों को अनिवार्य रूप से पेड क्वारंटाइन पर रखा जा रहा है। इससे ड्यूटी पर वापस आ रहे सैन्य कíमयों और अ‌र्द्ध सैनिक बलों के काíमकों को परेशानी हो रही थी। अब शासन में इसमें सेना व अ‌र्द्ध सैनिक बलों के कार्मिकों को छूट दे दी है। इसमें शासन ने यह स्पष्ट किया है कि सेना, वायु सेना, नौ सेना और अ‌र्द्ध सैनिक बल दूसरों राज्यों से हवाई जहाज से आने वालों व उनके परिवारों को संस्थागत क्वारंटाइन करने की व्यवस्था करेंगे। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि उन्हें होम क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा।

क्वारंटाइन करने की व्यवस्था स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों के अनुसार की जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार अथवा जिला नोडल अधिकारी को जानकारी दी जाएगी। सरकार ने ट्रेन, घरेलू हवाई जहाज और दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों के आवागमन को जारी गाइडलाइन में भी संशोधन किया है।

इसमें स्पष्ट किया गया है कि गर्भवती, परिवार में मृत्यु, गंभीर बीमार, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, 10 साल से कम बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों को राज्य अथवा जिला के नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाते हुए होम क्वारंटाइन करने की अनुमति दे सकेंगे। शर्त यह है कि इनमें से किसी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं होने चाहिए। हर मामले में आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करना अनिवार्य होगा और होम क्वारंटाइन रहते हुए इन्हें सभी नियमों का भी पालन करना होगा।

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