सर्व धर्म प्रार्थना के साथ हुआ कार्यक्रम. कई मायनों में खास होगा नया संसद भवन,नए संसद भवन की पीएम मोदी ने रखी आधारशिला,

गुरुवार, 10 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री मोदी ने नए संसद भवन की आधारशिला रखते हुए भूमिपूजन किया.

इसके साथ ही कार्यक्रम में सर्व धर्म प्रार्थना भी की गई. कार्यक्रम में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ साथ केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन को आत्मनिर्भर भारत का स्वरूप बताते हुए कहा की 21वीं सदी के भारत को नए संसद भवन की जरूरत है. उनहोंने कहा की नए संसद भवन में ऐसी अनेक नई चीजें होंगी जिससे सांसदों को आधुनिकता के साथ बेहतर सुविधा मिलेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की जहां एक तरफ मौजूदा संसद भवन आजादी से लेकर संविधान की रचना तक हमारा एक प्रतीक है तो वहीं यतार्थ को स्वीकार करना भी आवयशयक है. उनहोंने कहा की आज का दिन भारत के लिए मील के पत्थर की तरह है.

वहीं कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा की नया संसद भवन भारत की संस्कृति की विविधताओं को समेटते और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनकर तैयार होगा.  ओम बिड़ला ने प्रधानमंत्री मोदी को नए संसद भवन के लिए धन्यवाद करते हुए कहा की आज प्रधानमंत्री मोदी ने नए आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की नींव रखी है.

नया संसद भवन मौजूदा संसद भवन के पास ही प्लॉट संख्या 118 पर बन रहा है. जहां पुराना संसद भवन  वृत्ताकार है वहीं नया संसद भवन एक तिकोनी इमारत होगी. सरकार के अनुसार संसद के बढ़ते काम को देखते हुए नई इमारत की ज़रूरत महसूस की गई. लोकसभा का नया कक्ष वर्तमान कक्ष के आकार से तीन गुना बड़ा होगा और राज्यसभा का कक्ष भी काफी बड़ा होगा. यह भवन भारतीय संस्कृति और हमारी क्षेत्रीय कलाओं, हस्तशिल्पों, टेक्सटाईल्स और स्थापत्य की विविधता का समृद्ध मिश्रण प्रस्तुत करेगा. इसमें एक भव्य केंद्रीय संविधान कक्ष का भी प्रावधान होगा. अभी का संसद भवन ब्रिटिश दौर में बना था जो लगभग 100 साल  पुराना है और उसमें जगह और अत्याधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं है.

लोकसभा सचिवालय के अनुसार ऐसी उम्मीद की जा रही है कि नया संसद भवन अक्तूबर 2022 तक बन जाएगा. क़रीब 971 करोड़ रुपये की लागत से संसद भवन तैयार होगा. इमारत के निर्माण का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. अदालत ने अभी केवल आधारशिला रखने की इजाज़त दी है. निर्माण को लेकर जब तक कोर्ट में लंबित मामलों में  सुप्रीम कोर्ट अपना फ़ैसला नहीं दे देती तब तक सरकार किसी भी तरह के निर्माण या तोड़-फोड़ का काम नहीं करेगी.

अधिकारियों के अनुसार संसद के नए भवन में निचले सदन लोक सभा के 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है. नई इमारत में लोकसभा भूतल में होगी. वहीं उच्च सदन राज्य सभा के 384 सदस्य इसमें बैठ सकेंगे. ऐसा भविष्य में सांसदों की संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है. भारत में अभी लोकसभा में 543 और राज्य सभा में 245 सीटें हैं. नए संसद भवन की संयुक्त बैठक के दौरान वहाँ 1272 सदस्य बैठ सकेंगे.

संसद भवन की इमारत बनाने का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला है जिसने सितंबर 2020 में 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ये ठेका हासिल किया था. नया संसद भवन सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है. इस प्रोजेक्ट का खाका गुजरात स्थित एक आर्किटेक्चर फ़र्म एचसीपी डिज़ाइन्स ने तैयार किया है.

अब बात मौजूदा संसद भवन की. पुराने और मौजूदा संसद भवन में अधिकारियों के अनुसार नए संसद भवन बनने के बाद संसदीय आयोजनों के लिए मौजूदा संसद भवन का इस्तेमाल किया जाएगा.

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