जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जिला योजना की धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करते हुए कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किये जायें।

जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव द्वारा कलक्टेªट सभागार में जिला योजना की समीक्षा बैठक ली गयी। जिलाधिकारी द्वारा जिला योजना से जुडे़ समस्त विभागाध्यक्षों को जिला योजना की धनराशि व्यय में तेजी लाने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जिला योजना की धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करते हुए कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किये जायें। जिलाधिकारी द्वारा पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की कार्य प्रणाली पर असन्तोष जाहिर किया गया तथा धनराशि व्यय में तेजी लाने के निर्देश दिये गये। वहीं बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत पेयजल निगम, एनआरएलएम, पीएमजीएसवाई एवं उद्योग विभाग को डी श्रेणी से ए श्रेणी में पहुंचने हेतु कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को टेलीमेडिसन के टेण्डर तत्काल किये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियन्ता लोनिवि, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला सेवायोजन अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा सम्बन्धितों का बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को दिये। जिलाधिकारी द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों को चेतावनी दी गयी है कि जिला योजना की समीक्षा बैठक में वे स्वंय उपस्थित रहना सुनिश्चित करें। द्वितीय इन्चार्ज तभी बैठक में आये जब विभागाध्यक्षों द्वारा अवकाश से पूर्व स्वीकृति प्राप्त कर ली हों।
इस अवसर पर बैठक में डीएफओ कोकोरोशे, डीडीओ आनन्द सिंह भाकुनी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल शाह, मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी एसएस बिष्ट, महाप्रबन्धक उद्योग महेश प्रकाश, ईई जल संस्थान सतीश नौटियाल, ईई ग्राम्य विकास विभाग युवराज सिंह आदि उपस्थित थे।

Spread the love

You may have missed