आकस्मिक बाढ़ से हुई जानमाल की हानि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण

देहरादून : सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा में आयी आकस्मिक बाढ़ से हुई जानमाल की हानि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। केन्द्र व राज्य सरकार प्रभावी रूप से राहत कार्य मे जुटी हैं।

यह संतोष का विषय है कि बाढ़ का वेग तीव्रता से घटा जिस कारण नदी तटों पर हानि की आशंका से राहत मिली किन्तु लापता लोगों की खोज सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सांसद बलूनी ने कहा उत्तराखंड के साथ ऐसी आपदाओं की आशंका बनी रहती है। हम केदारनाथ आपदा के मुक्तभोगी हैं, इस कारण भी आज की घटना की सूचना से अनेक भय और आशंकायें उठ रही थी, ईश्वर की कृपा से जल का वेग कर्णप्रयाग तक सामान्य होने लगा था।

सांसद बलूनी ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिये त्वरित और पेशेवर मैकेनिज्म तैयार करना होगा ताकि प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य व प्रभावी सूचना व चेतावनी का तंत्र विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वे साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय से संवादकर इस विषय मे दीर्घकालिक सिस्टम तैयार करने हेतु कहेंगे। सांसद बलूनी लैंसडाउन, सुरकण्डा व मुक्तेश्वर में मौसम की पूर्वसूचना देने वाले डॉप्लर रडार की स्थापना पर पहले से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गर्मियों में वनाग्नि, बरसात में बाढ़, भूस्खलन, जलभराव जैसी स्थिति व सर्दियों में अतिवृष्टि व बर्फवारी से होने वाली आपदाओं के लिये दीर्घकालिक नीति बनाने की आवश्यकता है।

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