तहसील घनसाली के चमियाला, मुयालगांव, भौणीखाल व बूढाकेदार क्षेत्र को भी सिल्ट हटाये जाने हेतु चयन करने के निर्देश सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को दिये।

उत्तराखण्ड रिवर टेªनिगं नीति 2020 के तहत जनपद के ऐसे नदी क्षेत्र जो चुगान हेतु चिहिन्त नहीं हैं किन्तु वहां भारी मात्रा में आरबीएम/सिल्ट जमा हो गया है, को हटाये जाने तथा नदी को चेनेलाईज किये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों एवं रेखीय विभाग के अधिकारियों के साथ कलक्टेªट सभागार में बैठक ली गयी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी नरेन्द्रनगर को हेंवल नदी के बारहथली क्षेत्र एवं उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर को अलकनन्दा नदी के ग्राम मड़ी एवं ग्राम नौर क्षेत्र में आरबीएम/सिल्ट हटाये जाने हेतु खुली बोली की प्रक्रिया प्रारम्भ किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने कीर्तिनगर तहसील के अलकनन्दा नदी के संाकरों क्षेत्र से सिल्ट हटाये जाने व नदी को चेनेलाईज किये जाने हेतु भी जिला मुख्यालय पौड़ी से पत्र व्यवहार कर सम्बन्धित क्षेत्र तक पहुंचने हेतु मार्ग की अनुमति लेने को कहा। जिलाधिकारी ने तहसील धनौल्टी के बादल नदी एवं सौंग नदी के चार चिहिन्त क्षेत्र श्रीपुर, धौलागिरी, सिल्ला व भरवाकाटल तथा तहसील घनसाली के चमियाला, मुयालगांव, भौणीखाल व बूढाकेदार क्षेत्र को भी सिल्ट हटाये जाने हेतु चयन करने के निर्देश सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को दिये।
बतां दें कि उत्तराखण्ड रिवर टेªनिगं नीति 2020 के तहत नदी तल क्षेत्रान्तर्गत ऐसे स्थल जो चुगान हेतु चिहिन्त नहीं हैं तथा जहां वर्षा ऋतु के उपरान्त अत्यधिक मात्रा में आरबीएम/सिल्ट जमा हो जाता है को हटाये जाने की व्यवस्था है। इस व्ययवस्था के अनुसार नदी क्षेत्र से सिल्ट हटा कर नदी प्रवाह को चेनेलाईज किया जाता है। जिससे सम्बन्धित क्षेत्र में भू-कटाव एवं बाढ़ जैसी समस्या को रोककर भारी जानमाल की क्षति होने से रोका जाता है।
बैठक में उप जिलाधिकारी संदीप तिवारी, आकंाक्षा वर्मा व फिंचाराम चैहान आदि उपस्थित थे।

Spread the love

You may have missed