मसूरी – पालिका सभासदों ने 16बिन्दुओं पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

देहरादून : मसूरी नगर पालिका के सभासदों ने नगर पालिका परिषद में हो रहे भ्रष्ठाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पत्रकार वार्ता की व कहा कि जिन 16 बिंदुओं की शिकायत मुख्यमंत्री व आयुक्त से की है उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सभासदों ने कहा कि अगर जांच शीघ्र नहीं होती तो धरना प्रदर्शन किया जायेगा व मामले को हाईकोर्ट ले जाया जायेगा।

नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आठ सभासदों ने हुंकार भरते हुए 16 बिंदुओं की जांच की मांग प्रदेश सरकार से की है। व कहा कि अगर जांच शीघ्र नहीं की गई तो सभासद धरना प्रदर्शन करेंगे व मामले को हाई कोर्ट तक ले जांयेगे। सभासदों ने आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष भ्रष्टाचार में लिप्त व लगातार अनियमितता कर रहे हैं। सभासद जसबीर कौर ने कहा कि 16 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री से भेंट कर उनके सम्मुख शिकायतें की गई हैं वहीं आयुक्त गढवाल से भी शिकायत की गई जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश एसडीएम मसूरी को किए है और इस संबंध में एसडीएम मसूरी ने जांच शुरू कर दी है व सभासदों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट शासन को शीघ्र भेजने की बात कही है। सभासदों का आरोप है कि पार्किंग के नाम पर मैसानिक बस स्टैण्ड पर पांच मंजिला होटल का निर्माण किया जा रहा है। व जांच के दौरान ठेकेदार को लाखों का भुगतान किया गया। वहीं मैसानिक लॉज में 22 लाख की दीवार भी बनाई जा रही है। एक ही स्थान पर दो दो निविदा करना वित्तीय अनियमितता है। वहीं एक महिला आनंदी देवी पत्नी प्रेम सिह मियां की भूमि का विवाद न्यायालय में होने के बावजूद उसका नामातंरण कर दिया है जो नियम विरूद्ध है। नगर पालिका कूडे़ के ट्रक का प्रस्ताव गत वर्ष दिसंबर में किया गया लेकिन उसका भुगतान छह माह पूर्व कर दिया गया जो वित्तीय अनियमितता है, वहीं 500 एलईडी लाइट की मरम्मत के लिए ढाई लाख का भुगतान बिना बोर्ड की अनुमति के किया गया, नगर पालिका के दोनों बैरियर बना बोर्ड प्रस्ताव के 20 वर्ष के लिए विज्ञापन व सौदर्यीकरण के लिए दे दिया गया वहीं बोर्ड बैठक में गांधी चैक हवाघर के लिए एक वर्ष की स्वीकृति दी गई थी जो कि एक होटल मालिक से सांठ गांठ से दे दी गई। कंपनी गार्डन में एक दुकान  बलबीर सिंह को बिना बोर्ड प्रस्ताव के दे दी गई जबकि वर्ष 2010 में पारित शासनादेश के अनुसार पालिका को कोई पटटा या किरायेदारी बिना शासन के अनुमति के नहीं दी जा सकती। वहीं एक पत्रकार को भोटिया मार्केट में शौचालय के उपर कार्यालय हेतु दे दिया गया। जो नियम विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि कीन संस्था को बिना टेंडर के कार्य दिया जा रहा है। तथा इन्हें माउंटरोज में बिना बोर्ड की स्वीकृति के लिए कार्यालय प्रदान किया गया। वहीं पालिकाध्यक्ष द्वारा 124 कार्य बिना ठेकेदार के नाम के कार्य दिया गया, विकास कार्य बिना कोई बोर्ड की स्वीकृति के 44 विकास कार्य एडवांस में करवाये जा रहे हैं वहीं बार्लोगंज डिस्पेंसरी के नीचे दो कमरे बिना बोर्ड की स्वीकृतिक के ध्वस्त किए गये जो सरासर गलत है। वहीं लाइब्रेरी गाडीखाना डिस्पेंसरी को 150 वर्ष पुरानी थी उसे बिना बोर्ड की अनुमति के ध्वस्त कर दिया गया। यूनियन चर्च के उपर  सडक पर कूडा घर भी बिना बोर्ड की स्वीकृति के ध्वस्त किया गया जो हिटलर शाही का प्रतीक है। वहीं लेखा विभाग द्वारा अध्यक्ष के आदेश पर सभी ठेकेदारों के हर भुगतान पर एक प्रतिशत कमीशन जबरदस्ती वसूली जा रही है। जो कि नियम विरूद्ध है। वहीं अध्यक्ष द्वारा 2019-20 हेतु स्थिगित बोर्ड बैठक में नये प्रस्ताव को जोडकर अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए ईको बैरियर होल्हूखेत का ठेका बिना टेंडर के दे दिया गया जबकि स्थगित बैठक में नया प्रस्ताव जोड़ा जाना नियम विरूद्ध है। पत्रकार वार्ता में सभासद प्रताप पंवार ने कहा कि जब तक सभी अनियमितताओं पर जांच नहीं होती  व पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज नहीं होते वह चुप नहीं बैठेंगे अगर जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट भी जायेंगे। इस मौके पर सभासद पंकज खत्री, मनीषा खरोला, आरती अग्रवाल, दर्शन रावत, कुलदीप रौंछेला, आदि मौजूद रहे।

पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने सभासदों का आरोप पर कहा कि भूमाफियाओं के दबाव में सभासदों ने ठगबंधन बनाया है ताकि पालिका जो भूमाफियाओं पर कार्रवाई कर रही है उस पर दबाव बनाकर उसे दबाया जा सके। उन्होंने कहा कि जो जांच की जा रही है एसडीएम से मिलकर एकतरफा जांच कर रहे थे जिस पर उन्होंने आयुक्त को पत्र लिखा है जिस पर आयुक्त ने एसडीएम से जांच हटा कर खुद करने का निर्णय लिया है।   

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