राज्य सरकार पंचायतों और पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों से मांगे माफी- जोत सिंह बिष्ट

टिहरी : प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के रोकथाम के प्रयासों को लेकर कहा की केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को अधिकार देने की डुगडुगी पीटकर होम क्वारेंटाइन या संस्थागत क्वारेंटाइन करने की जिम्मेदारी उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों को दी गई लेकिन इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए ग्राम प्रधानों को मैन पावर से लेकर के आर्थिक संसाधन के नाम पर अब तक एक भी पैसा नहीं दिया गया।

उपाध्यक्ष जोत सिंह ने कहा की राज्य सरकार ने और राज्य सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए मंत्रियों यहां तक कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बयान देकर के यह भ्रम पैदा किया कि पंचायतों में क्वारेंटाइन की व्यवस्था के लिए संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। सरकार के इस बयान से गांव में इस ढंग का वातावरण बनाया गया कि जैसे ग्रामप्रधान को पैसा मिल गया और वह खर्च नहीं करना चाह रहे हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष बिष्ट ने कहा की सरकार के इस कृत्य से प्रधानों की छवि धूमिल हुई है सरकार के इस पंचायत विरोधी आचरण के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मार्गदर्शन में 20 मई को मेरे आह्वान पर प्रदेश भर में पंचायतों की मजबूती के पक्षधर लगभग 100 से अधिक साथियों ने अलग-अलग स्थानों पर अपने जिलों में अपने आवास पर चिलचिलाती धूप में बैठकर 1 घंटे का तप करके राज्य सरकार के गलत निर्णय का विरोध किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सब पंचायत की मजबूती के पक्षधर लोग राज्य सरकार से मांग करते हैं कि प्रधानों की छवि धूमिल करने के अपराध के लिए राज्य सरकार पंचायतों और पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों से माफी मांगे।

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