शहीद के परिवार से मिलकर भावुक हुईं रक्षा मंत्री सीतारमण, पिता बोले, किस्मत वालों को मिलती है शहादत

बंगलूरू में फाइटर प्लेन में शहीद पायलट सिद्धार्थ नेगी के पिता बलबीर सिंह नेगी का कहना है कि मौत तो हर किसी की निश्चित है पर शहादत किस्मत से मिलती है। अपने लाड़ले के सेना में भर्ती होने के साथ ही परिवार हर परिस्थिति का मुकाबला करने को तैयार हो जाता है, क्योंकि हर जवान देश की आन-शान पर मर मिटने का जज्बा लेकर ही सेना में जाता हैं। इसी भावना के साथ उत्तराखंड के वीर बांकुरे देश की सीमाओं पर डटे हैं।

शहीद सिद्धार्थ के पिता और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर बलबीर सिंह नेगी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि माता-पिता को तो उसी दिन फक्र हो जाता है, जब उनका लाड़ला देश की रक्षा के संकल्प के साथ सेना में जाता है। हम लोग जब कोई नौकीर करते हैं तो अच्छे और बुरे दोनों पहलुओं से परिचित होते है।

उसी तरह सेना में भर्ती के साथ पूरा परिवार हर परिस्थिति का मुकाबला करने को तैयार रहता है। मौत तो हर किसी की निश्चित है, लेकिन देश पर कुर्बान होने का मौका किस्मत वालों को ही मिलता है। सेना में उत्तराखंड के नौजवान सबसे ज्यादा संख्या में है, जो देश के लिए न्योछावर होने के लिए तैयार रहते हैं।

बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बंगलूरू में मिराज हादसे में शहीद देहरादून के सिद्धार्थ नेगी के आवास पहुंचकर शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान वे भी भावुक हो गईं। रक्षा मंत्री ने शहीद नेगी के माता-पिता, बहन और पत्नी को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वायु सेना ने अपना जांबाज अफसर खोया है। सरकार पूरी तरह परिवार के साथ है। रक्षा मंत्री सोमवार सुबह सवा दस बजे वायु सेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंची। वहां से उन्हें सड़क मार्ग से बसंत विहार स्थित शहीद सिद्धार्थ नेगी के आवास पर लाया गया। जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पहले से ही मौजूद थे। रक्षा मंत्री जब नेगी के आवास पर पहुंची तो वहां का माहौल बेहद गमगीन था।

रक्षा मंत्री ने शहीद सिद्धार्थ नेगी के माता, पिता और पत्नी को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार हर तकलीफ में उनके साथ है। रक्षा मंत्री ने शहीद के पिता बलबीर सिंह नेगी को अपना निजी मोबाइल नंबर भी दिया। उन्होंने स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री करीब 43 मिनट तक शहीद के परिजनों के बीच रही।  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इसके बाद रक्षा मंत्री कुछ समय मुख्यमंत्री रावत के आवास पर ठहरने के बाद रवाना हो गई।

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