मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह विंडो खोली जाएगी।

प्रदेश के भीतर वे लोग जो लाॅकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर दूसरे जिले में फंस गए हैं, केवल वे ही लोग,  अपने घर के लिए 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह विंडो खोली जाएगी।  एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लाॅकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं।  जाने के लिए वाजिब कारण बताना होगा। हर किसी को इसकी छूट नहीं होगी। सही कारण न पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही भी की जा सकती है। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा।  इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा। यात्री को यह साबित करना होगा कि वह दूसरी जगह से आया हुआ है। ऐसा न करने पर अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा पाइन्ट टू पाइन्ट ही की जा सकेगी। बीच में कहीं भी रूकने की अनुमति नहीं होगी। यात्री को अपना भोजन व पानी साथ लेकर ही चलना होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल चेकअप किया जाएगा।  यदि कोई संदिग्ध या संक्रमित पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में ले जाया जाएगा। गलत तथ्य देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। व्यक्ति को अपना परिचय पत्र साथ रखना होगा और यात्रा का डिक्लेरेशन देना होगा।

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