रिपोर्ट- ….टीम emediatwoday
घनसाली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खात्मे और सहयोग के लिऐ भिलंगना ब्लॉक के समाजसेवियों और दानवीरो के सहयोग को कभी नही भुला पायेगा। वैश्विक महामारी में जिस तरह उत्तराखंड के समाजसेवियों और दानवीरो ने दिल खोलकर सहयोग किया है, और जिस तरह से समाजसेवियों और दानवीरो ने जिस तरह बढ़ चढ़कर योगदान दिया है, उससे काफी हद तक राज्य की सरकार को भी राहत मिली है। आज हम आपको कुछ ऐसे चेहरो से रूबरू करवा रहे है, जो पर्दे के पीछे से बहुत बड़ा योगदान जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिऐ कर रहे है। जिनके योगदान को उत्तराखंड की असहाय जनता हमेशा याद रखेगा।

श्री बच्चन रावत जी,टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक, पट्टी ग्यारह गाँव, ढुंग बजियाल गांव के मूल निवासी हैं।वैश्विक महामारी के दौरान इनके द्वारा जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को नेट बैंकिंग प्रणाली द्वारा अभीतक (281000)दो लाख इक्यासी हजार रुपये अलग अलग किस्तों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान कर चुके हैं,

बच्चन रावत जी द्वारा हरिद्वार में कुष्ठ रोग से पीड़िता 75 परिवारों के लिए राशन वितरण के लिए नेट बैंकिंग द्वारा आर्थिक सहायता अपने स्वर्गीय पिताजी श्री पदम रावत जी और माता स्वर्गीय श्रीमती चंद्रमा देवी रावत जी की स्मिर्ति में भेजी गई। साथ ही उत्तरकाशी में 25 जरूरत मन्द लोगों के लिए 8125 रुपये नगद धनराशि नेट बैंकिंग द्वारा भेजी है और टिहरी जिला मुख्यालय नजदीक 70 असहाय गरीब परिवारों के लिए खादय सामग्री हेतु 21700 सो रुपये नेट बैंकिंग द्वारा जरूरतमंदों के लिऐ खाद्यान्न सामग्री दी गयी। जिससे भूखे लोगो को खाना उपलब्ध हो सके।
वैश्विक महामारी में रावत जी के सहयोग को युगों- युगों तक याद किया जाऐगा।
लॉकडाउन की वजह से कई मजदूर परिवार बेरोजगार हो गए। जिनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बच्चन रावत जी की धर्मपत्नी दर्शनी रावत द्वारा ग्यारह गाँव हिन्दाव क्षेत्र के 20 विधवा परिवारो के खाने की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने इन 20 परिवारो के खाने के लिऐ संपूर्ण खाद्यान सामग्री की व्यवस्था की है। जब तक लॉकडाउन रहेगा और यह परिवार काम करना शुरू न कर दें, तब तक श्रीमती दर्शनी रावत के द्वारा इन विधवा परिवारों के खाने की व्यवस्था का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि, इन परिवारो को किसी भी तरह की खाने की कोई परेशानी नही आने दी जायेगी।

इनके इस प्रयास से सरकार को भी राहत पहुंचेगी। क्योंकि हर-घर तक राहत और राशन पहुंचाने में सरकार को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रावत ने सैकड़ों परिवारो को राशन वितरित करके एक मिशाल पेश की है।

इस वैश्विक महामारी में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रही है। ऐसा ही एक नाम है दर्शनी रावत। दर्शनी रावत और उनके पति बच्चन सिंह रावत

कोरोना वायरस के प्रकोप में वह देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित रखने के लिऐ अपनी भूमिका निभा रहे है। इस दंपत्ति द्वारा ऐसे माहौल में गरीबो के लिऐ जो सहयोग किया जा रहा है इसे कभी भुलाया नही जाऐगा। इनका कहना है कि, जिन परिवारो को इनके द्वारा खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करवायी जा रही है। यह परिवार लॉकडाउन की वजह से दिहाड़ी मजदूरी नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में इनके सामने रोजी रोटी क़ा संकट खड़ा हो गया था तो दर्शनी रावत अपने माध्यम से खाने की समस्त सामग्री उपलब्ध करवा रही है। जिससे यह परिवार भूखे को सोने पर विवश न होना पड़े।

इनके द्वारा अभी तक सैकड़ों परिवारों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करवायी गयी है।

इस विकट परिस्तिथि में इन परिवारो का सहयोग कर इन्होंने राहत पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है। इनका कहना है कि, विधवा, विकलांग,निराश्रित मजदूर परिवारो को खाने और अन्य जरूरी सामानों की कोई दिक्कत नही आने दी जायेगी। लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने तक ऐसे परिवारो के खाने का पूरा खर्च यह दंपत्ति अपने माध्यम से वहन करेंगे। साथ ही इनका यह भी कहना है कि, क्षेत्र में अगर किसी जरूरतमंद को कोई आवश्यकता हुयी तो उसका भी ध्यान रखा जाऐगा। श्री रावत जी द्वारा 27 अप्रेल को पट्टी ग्यारह गाँव और पट्टी हिन्दाव के दर्जनों जरूरत मंद परिवारों के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने हेतु भी नजदीकी दुकानदारों को भी नेट बैंकिंग के माध्यम से हजारों रुपये भेजे गये हैं ताकि लोगों को समय समय से राशन वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

साथ ही इनके द्वारा समय-समय पर क्षेत्र में गरीब बच्चों और जरूरत मन्द लोगों के लिए भी कई तरह के सामाजिक कार्य किये जाते रहे है।

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