उत्‍तराखंड में आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण लागू

देहरादून: प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णो के लिए दस फीसद आरक्षण लागू कर दिया है। इसके लिए राजभवन के अनुमोदन के बाद उत्तराखंड लोक सेवा अध्यादेश की अधिसूचना जारी कर दी गई है। कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को इसी आधार पर नई नियुक्तियों के विज्ञापन व अधियाचन जारी करने के निर्देश दिए हैं। आठ लाख रुपये सालाना से कम आय वाले परिवार के युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। 

केंद्र सरकार द्वारा कुछ समय पूर्व आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णो को सरकारी सेवाओं में दस फीसद आरक्षण दिए जाने का निर्णय लिया था। इसके क्रम में कुछ राज्यों ने सरकारी सेवाओं में आर्थिक आधार पर कमजोर वर्गो के लिए आरक्षण जारी कर दिया था। इस कड़ी में उत्तराखंड में भी इसकी तैयारी चल रही थी।

मंगलवार को इसके लिए तैयार उत्तराखंड लोक सेवा अध्यादेश का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सरकारी सेवाओं में राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण मिलेगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना में शामिल नहीं हैं। 

यह आरक्षण ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के व्यक्तियों पर लागू होगा, जिनके परिवारों की सभी स्रोत से कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होगी। इस स्रोतों में कृषि, व्यवस्था व पेशा आदि से प्राप्त आय सम्मिलित होगी। आय का आधार लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष के पूर्व वित्तीय वर्ष की आय को बनाया जाएगा। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अध्यादेश वहां लागू नहीं होगा जहां चयन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। यानी, जहां लिखित परीक्षा अथवा साक्षात्कार हो चुका है।

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