उत्तराखंड में 10 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

प्रदेश सरकार सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जिलों ने क्षेत्र के हिसाब से नए सर्किल रेट का प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। जिलों के प्रस्ताव पर वर्ष 2019 के लिए सर्किल रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कैबिनेट में इसका प्रस्ताव आने की उम्मीद है। पिछले साल भी सरकार ने हरिद्वार जनपद के कुछ क्षेत्रों में 200 से 400 प्रतिशत तक सर्किट रेट बढ़ाए थे। 

प्रदेश सरकार हर साल क्षेत्र के अनुसार जमीनों के सर्किल रेट तय करती है। जिसमें क्षेत्र में सुविधाओं व मौजूदा बाजार की कीमत के हिसाब से सर्किल रेट निर्धारित किया जाता है। वर्ष 2019 के लिए सर्किल रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों का कहना है कि इस बार सरकार सर्किल रेट में 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर सकती है। जिन क्षेत्रों में सड़क व अन्य सुविधाएं नहीं है, लेकिन सर्किल रेट पहले से ज्यादा है।

तो उन क्षेत्रों में रेट कम हो सकते हैं। स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने सभी जिलों से वर्तमान बाजारी कीमत के आधार पर सर्किल रेट तय करने के प्रस्ताव मांगे थे। इन प्रस्तावों के आधार पर नए सर्किल रेट निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजा जाएगा।

बता दें कि वर्ष 2018 में भी सरकार ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर समेत कई जिलों के सर्किल रेट बढ़ाए थे। उधर, सचिव एवं आयुक्त स्टांप एवं पंजीयन सौजन्या का कहना है कि हर साल सर्किल रेट निर्धारित किए जाते हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। सर्किल रेट बढ़ेंगे या कम होंगे। इस बारे में बताना अभी संभव नहीं है।

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