अतिक्रमण पर सरकार सख्त, कहा ‘गली-मोहल्ले छेडे़ंगे नहीं, सड़कों पर छोडे़ंगे नहीं’

गली व मोहल्लों को सरकार छेडे़गी नहीं और यदि किसी ने सड़क पर निर्माण कर लिया है, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उसका अतिक्रमण ध्वस्त होगा। ऐसे भवनों की कंपाउंडिंग की कोई सूरत ही नहीं होगी। अतिक्रमण से लेकर आवास नीति में आमूल चूल बदलाव जैसे विषयों पर सरकार ने बुधवार को अपना नजरिया एकदम साफ कर दिया।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि आवास नीति में बदलाव के पीछे मंशा सिर्फ इतनी है कि दूरस्थ इलाकों के लिए भी विकास का रास्ता खुले। नगर विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने एक कदम और आगे बढ़कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आवास नीति में बदलाव और अतिक्रमण विरोधी अभियान दो अलग-अलग चीजें हैं। नगर निकायों के मेयर और अध्यक्षों की कार्यशाला के मौके पर बुधवार को अतिक्रमण और आवास नीति में बदलाव के विषय अलग-अलग ढंग से उठे।

कार्यशाला के दौरान मीडिया की तरफ से सीएम के सामने सवाल उठा कि एक तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर कई भवन ध्वस्त कर दिए गए हैं, जबकि अब कई अवैध भवन नियमित किए जा रहे हैं। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि आवास नीति में सालों से ऐसे नियम प्रचलन में थे, जो कि विकास के रास्ते में अवरोध पैदा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में इस बदलाव के बाद विकास के नए रास्ते खुलेंगे। नगर विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट योजना से जमा होने वाले राजस्व के 75 फीसदी हिस्से को पार्किंग और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में खर्च करने के निर्देश प्राधिकरणों को दिए गए हैं। इसलिए निकायों को इस अभियान में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।

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